क्यों हो रही है की Signal App की इतनी चर्चा? जानिए इसकी सम्पूर्ण कथा

WhatsApp के  नई पॉलिसी की घोषणा के बाद Signal App को ग्रीन सिग्नल मिल गया है। 7 जनवरी 2020 में एलोन मस्क (Elon Musk) ने ट्विटर पर “सिग्नल का उपयोग करे” लिखा,

जिसने कई उपयोगकर्ताओं को स्विच करने के लिए प्रेरित किया। Signal App को इतने लोग अचानक से इस्तेमाल करने लगे है कि उसका सर्वर ही डाउन हो गया है। इसके बारे में खुद Signal ने Tweeter पर Tweet करके कहा है कि अधिक यूजर्स होने के कारण वेरिफिकेशन कोड में दिक्कत रही है। अब यूजर्स को WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी बिलकुल पसंद नहीं रही है। ऐसे में यूजर्स दूसरे ऐप्स की तरफ रुख कर रहे है। व्हाटस्ऐप के विकल्प के रूप में ही लोग सिग्नल ऐप को पसंद कर रहे हैं।

सिग्नल ऐप को 21 जुलाई 2014 को Launch किया गया था। Redphone और Text secure की व्यावहारिकता को विलय करते हए 2015 में इसे सिग्नल ऐप के रुप में विकसित किया। वर्ष 2018 में सिग्नल को मॉक्सी मार्लिगस्पाइक (Moxie Marlinspike) और ब्रायन एक्टन (Brian Acton) द्वारा सहयोगी डिग्री एलएलसी (Signal Messenger LLC) के रुप में शामिल किया गया था और अंततः एक यह नान प्रॉफिट कंपनी है।

 सिग्नल ऐप फाउंडेशन और सिग्नल मैसेंजर द्वारा निर्मित एक क्रॉस-स्टेज यूनिफाइड स्क्रैम्ड एडमिनिस्ट्रेशन है। सिग्नल उपयोगकर्ताओं के बीच एन्क्रिप्टेड एण्ड टू एण्ड संचार का उत्पादन करने के लिए ऐप अपने स्वयं के ASCII पाठ फाइल सिग्नल प्रोटोकॉल का उपयोग करता है। सिग्नल एप एण्ड टू एण्ड एन्क्रिप्टेड है, जिसका अर्थ है कि आपके डिवाइस और भागीदार के डिवाइस के अलावा कोई भी और संदेशों को ब्राउज नहीं करेगा।

Signal App के फीचर्स :

* सिग्नल एप में WhatsApp की तरह ग्रुप बना सकते हैं।

* सिग्नल एप के ग्रुप में आप 1000 लोग को जोड़ सकते है।

* इस एप में भी WhatsApp की तरह विडियो कॉल कर सकते है।

* सिग्नल एप में सिर्फ मोबाइल नंबर से लॉग इन कर सकते है।

Signal App में अकाउंट कैसे बनाएं : एंड्रॉयड और आईओएस

* सबसे पहले आपको अपने फोन में सिग्नल ऐप डाउनलोड करना है।

                                                         

* अब आपको T&C Policy एक्सेप्ट कर लेना है।

* बॉक्स में आपको अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके और ओटीपी वेरिफाई करे ।

                 

* अब आप अपना नाम दर्ज करके प्रोफाइल इमेज का चयन करें।

* अब आपको चार डिजिट का पिन दर्ज करे और कन्फर्म करे। बस आपका सिग्नल एप अकाउंट सम्पूर्ण तरीके से बन चूका है।

व्हाट्सऐप से कितनी ज्यादा सुरक्षित प्राइवेसी है।

असल में सिग्नल व्हाट्सऐप से कहीं ज्यादा सुरक्षित है क्योंकि व्हाट्सऐप आपको अपने ऐप को यूज़ करने के लिए यूज़र्स से उनकी तरह – तरह की जानकारी स्टोर करता है। वहीं सिग्नल सिर्फ यूज़र्स का मोबाइल नंबर स्टोर करती है क्योंकि उसी के जरिए यूज़र्स का सिग्लन अकाउंट चलता है।

और व्हाट्सऐप सिर्फ मैसेज और कॉल को एंड टू एंड एंक्रिप्टेड करती है जबकि सिंग्नल ऐप मेटा डाटा भी एंड टू एंड एंक्रिप्टेड करता है यानि ना सिर्फ यूज़र्स मैसेज और कॉल बल्कि उनका निजी डेटा भी एंड टू एंड एंक्रिप्टेड होता है।

सिंगल ऐप के नुकसान क्या हैं

हर ऐप की तरह सिग्नल में भी कुछ फायदे और नुकसान हैं सिग्नल एप के साथ भी एक दिक्कत यह है कि इसका डाटा गूगल ड्राइव या किसी अन्य क्लाउड पर स्टोर नहीं होता। ऐसे में यदि आपका फोन खो गया तो आप चैट का बैकअप नहीं ले पाएंगे।

निष्कर्ष

तो दोस्तों आज हमने इस पोस्ट के माध्येम से signal app के बारे में जाना की ये कब बना और ये WhatsApp से बेहतर क्यु है अगर आपको भी ये app बेहतर लगता है तो आप भी इसको जरुर इस्तेमाल करे| और इस पोस्ट को अपने दोस्तों और फॅमिली मेंबर्स में शेयर जरुर करे धन्यवाद |

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